प्रभात इंडिया न्यूज़ | आशीष पांडेय, लौरिया
लौरिया। तिब्बत से आए 13 सदस्यीय बौद्ध भिक्षुओं के प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को ऐतिहासिक नंदनगढ़ बौद्ध स्तूप एवं अशोक स्तंभ पर विधिवत पूजा-अर्चना कर वि
श्व शांति की कामना की। इस दौरान भगवान बुद्ध की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित किया गया तथा भिक्षुओं ने स्तूप की परिक्रमा कर विशेष आध्यात्मिक अनुष्ठान संपन्न कराया।
पूजा-अर्चना के दौरान स्थानीय बच्चों के बीच प्रसाद का वितरण भी किया गया, जिससे क्षेत्र का माहौल आध्यात्मिक ऊर्जा और शांति के संदेश से सराबोर हो गया।बौद्ध भिक्षु चिरिंग योजन ने बताया कि वे पिछले तीन वर्षों से नंदनगढ़ आने की इच्छा रखते थे, जो अब पूर्ण हुई। वहीं भिक्षु टाचुन ने इस यात्रा को कई जन्मों के पुण्य का फल बताया। प्रतिनिधिमंडल में फुटूक, शान लामा, शेरपा, टसांग, पेमा, टाचुन, आमदो, देगबा सहित अन्य विदेशी बौद्ध भिक्षु शामिल थे।पूजा के पश्चात भिक्षुओं ने अशोक स्तंभ पहुंचकर अशोक पिलर की भी विधिवत आराधना की। अंचलाधिकारी नितेश कुमार सेठ ने कहा कि विदेशी बौद्ध भिक्षुओं का नंदनगढ़ आगमन क्षेत्र के ऐतिहासिक एवं धार्मिक महत्व को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने वाला है। उन्होंने बताया कि प्रशासन द्वारा सुरक्षा समेत सभी आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था की गई थी।पूजा-अर्चना के उपरांत बौद्ध भिक्षुओं का दल बोधगया के लिए रवाना हो गया।
