प्रभात इंडिया न्यूज़/भीतहां अजय गुप्ता
आप यदि बसंत पंचमी पर महाकुम्भ स्नान के लिए प्रयागराज आने का विचार बना रहे है तो आपके लिए मेरे कुछ सुझाव है –
यदि आप वृद्ध है या ज्यादा भीड़ में असहज महसूस करतें है तो आप बसंत पंचमी के बाद ही स्नान करने का विचार बनाएं। भीड़ बहुत ज्यादा है. .. बसंत पंचमी तक यही स्थिति रहने की सम्भावना है।10-12-15 किलोमीटर पैदल यात्रा करनी पड़ सकती है। इसलिए बहुत ज्यादा सामान लेकर मत आएं. .छोटे बच्चों को लेकर महाकुम्भ स्नान हेतु आने से बचें।
संगम पर स्नान की अपेक्षा आप गंगा किनारे अन्य घाटों जैसे तेलियरगंज घाट, कैलाशपुरी घाट,दारागंज स्थित दशाश्वमेध घाट, अरैल घाट आदि को स्नान के लिए चुने जो आपके मार्ग में समीपस्थ पड़े क्योकि संगम पर भीड़ बहुत ज्यादा रहेगी। गंगा जी में स्नान ही संगम में स्नान के बराबर है एवं अमृत स्नान रहेगा तो हो सकता वह क्षेत्र केवल अखाड़ों के लिए ही रिजर्व रहे और प्रशासन आपको संगम पर गंगा जी,यमुना जी पर बने कई घाट पर स्नान करा दें।
इसलिए संगम पर स्नान की चाह रखने वाले लोग मुख्य स्नान पर्व छोड़ कर सामान्य दिन में आ कर स्नान करें। सेक्टर 4 से लेकर दारागंज से लेकर बघाड़ा, सलोरी होते हुये तेलियरगंज तक सेक्टर 10 और झूंसी साइड सेक्टर 11 से लेकर 20 तक भंडारा एवं रुकने की निशुल्क कई जगह व्यवस्था है। जिसका आप लाभ लें सकते है।
आप सभी भीड़ में बिछड़ भी सकते इसलिए अपने एवं अपने परिवार जनों के जेब में नाम, पता एवं मोबाइल नंबर की एक पर्ची रखना न भूले एवं सभी को बता कर चले की बिछड़ने पर सीधा खोया पाया केंद्र पर पहुचे ताकि आराम से अपनों से मिल सके।संगम पर एकदम कपड़े उतारकर स्नान न करें जिन्हें ठण्ड ज्यादा लगती हो वो कपड़े पहन कर ही स्नान करें एवं हाइपोथर्मियासे बचाव करें.
किसी भी आपातकाल आवश्यकता के लिए महाकुम्भ हेल्पलाइन नम्बर 1920 पर कॉल करें।महाकुम्भ में स्नान के बाद अयोध्या, मिर्जापुर एवं बनारस के दर्शन करने का विचार त्याग दें क्योकि वहाँ भी लाखों की भीड़ जुट रही है इस समय।
यदि आप रास्ता भटक गए या रास्ते की जानकारी चाहिए तो आप तैनात पुलिस प्रशासन या किसी लोकल पान, समोसा आदि की दुकान से जानकारी लें यात्रियों की अपेक्षा।