प्रभात इंडिया न्यूज़/भीतहां अजय गुप्ता
भितहा/मधुबनी, पूर्व प्राचार्य पं०भरत उपाध्याय के निज निवास स्थित शुभाश्रम परिसर में गणमान्य बुद्धिजीवियों की उपस्थिति में, गांव की बिटिया डॉ स्मिता को सम्मानित करने के लिए एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसकी अध्यक्षता योगीश शांडिल्य ने किया। पूर्व प्राचार्य ने शाल और पुस्तक भेंट कर बिटिया को करतल ध्वनि के बीच सम्मानित करते हुए कहा कि हम सभी के लिए गर्व की बात है, गांव के मिट्टी की महक अपने प्रतिभा और मेधा से शिक्षा के क्षेत्र में बांट रही है जो प्रशंसनीय।
अपने संबोधन में अखिलेश शाण्डिल्य ने कहा कि
जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय बलिया के समाजशास्त्र विभाग में सहायक आचार्य के पद पर कार्यरत डॉक्टर स्मिता त्रिपाठी को भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद से बनटांगिया समुदाय पर शोध के लिए 11 लाख रुपए का अनुदान स्वीकृत हुआ है । एक वर्षीय शोध में गोरखपुर और महाराजगंज जिलों के वन ग्रामों का विस्तृत सामाजिक आर्थिक राजनीतिक विश्लेषण किया जाएगा ।
डॉक्टर स्मिता के अनुसार बनटांगिया समुदाय समाज के सबसे पिछड़े वर्गों में से एक है ,जिसे लंबे समय तक पहचान और अधिकारों से वंचित रखा गया। इस अनुसंधान का उद्देश्य सरकारी पहल के प्रभाव का अध्ययन करना है जिससे यह समझ जा सके कि इस समुदाय के लोगों में आकांक्षाओं का विकास कैसे हो रहा है। साथ ही इस शोध के तहत बिहार-उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जिले कुशीनगर, देवरिया, सिवान आदि और भारत नेपाल तराई क्षेत्र के बहराइच, श्रावस्ती, गोंडा जैसे जिलों में बनटांगिया समुदाय के लोगों की विस्तृत जानकारी प्राप्त करनी है।
अंत में आयोजक मंडल की सराहना करते हुए पूर्व प्राचार्य ने डॉ स्मिता त्रिपाठी के उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं प्रदान की।
इस अवसर पर एडवोकेट शीतांशु मणि त्रिपाठी एवं प्रेम नारायण मणि त्रिपाठी, पिंकू मणि, प्रकाश मणि, सुनील मणि, अद्वैत शांडिल्य, प्रेमप्रकाश यादव, गंगेश्वर मणि,यशवंत मणि,प्राचार्य अंबरीष मणि,उमेश यादव सहित दर्जनों लोग उपस्थित रहे।