रंजन कुमार बेतिया जिला पदाधिकारी, दिनेश कुमार राय की अध्यक्षता में आज जिला आपूर्ति टास्क फोर्स की समीक्षात्मक बैठक सम्पन्न हुयी। इस बैठक में राशन कार्ड की विवरणी, ऑनलाइन राशन कार्ड से संबंधित प्राप्त आवेदनों के निष्पादन की स्थिति, आधार सीडिंग, ई-केवाईसी, जनवितरण प्रणाली दुकानों का निरीक्षण, एसआईओ/डोर स्टेप डिलीवरी, राशन कार्ड के आधार पर खाद्यान्न का वितरण सहित अन्य एजेंडाओं की समीक्षा हुई।
बैठक में अपर समाहर्ता, विभागीय जांच-सह-जिला आपूर्ति पदाधिकारी द्वारा बताया गया कि ससमय खाद्यान्न का उठाव एवं वितरण कराया जा रहा है। लाभुकों को निर्धारित मात्रा में खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि फरवरी माह में कुल-378 जविप्र दुकानों की जांच परख एप के माध्यम से करायी गयी है। 35 जविप्र दुकानदारों से स्पष्टीकरण की मांग की गयी है। 01 अनुज्ञप्ति रद्द भी की गयी है।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि लाभुकों को प्रत्येक माह ससमय निर्धारित मात्रा में खाद्यान्न मिले, इसे हर हाल में सुनिश्चित करना है। खाद्यान्न उठाव एवं वितरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही, कोताही अथवा गड़बड़ी नहीं होनी चाहिए। ऐसा करने वालों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई की जायेगी। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी एमओ विभागीय निर्देश के आलोक में जन वितरण प्रणाली दुकानों का नियमित रूप से निरीक्षण करेंगे। जविप्र दुकानदार नोटिस बोर्ड, सभी पंजी आदि संचिका अपडेट रखें, इसे सुनिश्चित कराएंगे।
समीक्षा के क्रम में जिलाधिकारी के संज्ञान में आया कि डोर स्टेप डिलीवरी के संवेदकों द्वारा विभागीय दिशा-निर्देशों का उल्लंघन किया जा रहा है। निर्धारित वाहनों की जगह कम वाहन द्वारा खाद्यान्न का उठाव किया जा रहा है, जिससे परेशानी उत्पन्न हो रही है। जिलाधिकारी ने इसे अत्यंत ही गंभीरता से लेते हुए निर्देश दिया कि बैकलॉग वाले संवेदकों को शोकॉज करें तथा निर्धारित वाहन से कम वाहन परिचालन कराने वाले संवेदकों को ब्लैक लिस्टेड करने की कार्रवाई भी करें।
अपर समाहर्ता, विभागीय जांच-सह-जिला आपूर्ति पदाधिकारी द्वारा बताया गया कि भारत सरकार के निर्देशनुसार राशन कार्ड में अंकित प्रत्येक सदस्य के लिए 31.03.2025 तक आधार सीडिंग (ई-केवाईसी) कराया जाना अनिवार्य है। खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा सभी राशन कार्डधारियों के लिए जन वितरण प्रणाली दुकान पर संधारित ई-पॉस मशीन के माध्यम से बायोमेट्रिक सत्यापन यथा-हाथ की उंगलियों अथवा फेस स्कैनिंग एप के माध्यम से निःशुल्क ई-केवाईसी की सुविधा प्रदान की गयी है। इसके बावजूद कुछ लाभुकों के द्वारा अबतक अपना ई-केवाईसी नहीं कराया गया है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में विभाग द्वारा ई-केवाईसी की प्रक्रिया को सुलभ बनाने के लिए अब फेसियल ई-केवाईसी की सुविधा शुरू कर दी गयी है। कोई भी लाभुक स्वयं गुगल प्ले स्टोर पर जाकर फेसियल ई-केवाईसी एप डाउनलोड कर दिये गये निर्देशों का अनुपालन करते हुए अपना ई-केवाईसी करा सकते हैं। ई-केवाईसी नहीं कराने वाले लाभुक खाद्यान्न के लाभ से वंचित हो सकते हैं।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि ई-केवाईसी का विभिन्न माध्यमों, तंत्रों आदि से व्यापक प्रचार-प्रसार कराना सुनिश्चित करें ताकि जिले के शत-प्रतिशत लाभुक अपना ई-केवाईसी करा लें और सरकारी लाभ प्राप्त करते रहें।
इस अवसर पर अपर समाहर्ता, विभागीय जांच-सह-जिला आपूर्ति पदाधिकारी, कुमार रविन्द्र, अपर समाहर्ता, आपदा प्रबंधन, रामानुज प्रसाद सिंह, अनुमंडल पदाधिकारी, बेतिया सदर, विनोद कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी, नरकटियागंज, सूर्य प्रकाश गुप्ता सहित डीएम, एसएफसी, सभी एडीएसओ, सभी एजीएम, सभी एमओ आदि उपस्थित थे।