रंजन कुमार बेतिया। जिलाधिकारी, दिनेश कुमार राय क्षेत्र भ्रमण के दौरान 27 फरवरी की संध्या मधुबनी प्रखंड अवस्थित बांसी घाट पहुंचे। जिलाधिकारी के साथ उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्ता, विभागीय जांच, अनुमंडल पदाधिकारी, बगहा, भूमि सुधार उप समाहर्ता, बगहा, जिला परिषद अभियंता, बीडीओ, सीओ सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। बांसी घाट पर जिला परिषद अध्यक्ष, मधुबनी प्रमुख/उपप्रमुख, अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं स्थानीय जनता द्वारा जिलाधिकारी को बताया गया कि यहां प्रत्येक साल भव्य मेला का आयोजन होता है, जहां दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंच कर स्नान-दान, पूजा-पाठ करते हैं। लोगों ने बताया कि गया कि यूपी सरकार द्वारा यूपी क्षेत्रान्तर्गत पड़ने वाले बांसी घाट का सौंदर्यीकरण करा दिया गया है। जिला पदाधिकारी ने कहा कि बांसी घाट के सौंदर्यीकरण की मांग स्थानीय लोगों की बहुप्रतिक्षित मांग रही है, इसी कारण से सभी संबंधित पदाधिकारी एवं जनप्रतिनिधियों के साथ बांसी घाट का निरीक्षण किया गया है। उपस्थित स्थानियों के द्वारा अनुरोध किया गया कि बांसी घाट का सौंदर्यीकरण हो ताकि श्रद्धालुओं को पूजा-अर्चना में किसी प्रकार की परेशानियों का सामना नहीं करना पड़े। बिहार सरकार के क्षेत्र में पड़ने वाले बांसी घाट का सौंदर्यीकरण की जरूरत है। जिलाधिकारी ने कार्यपालक अभियंता, जिला परिषद को निर्देश दिया कि बांसी घाट का सौंदर्यीकरण कराने हेतु बेहतर कार्ययोजना शीघ्र तैयार करें ताकि आगे की कार्रवाई की जा सके। इसके साथ ही अंचलाधिकारी, मधुबनी को निर्देश दिए कि घाट का सीमांकन प्रॉपर तरीके से कराना सुनिश्चित करें। इसके साथ ही आवश्यक जगहों पर सीमांकन का चिन्ह भी लगाएं। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि आवश्यकतानुसार शवदाह गृह का निर्माण भी कराया जाय। घाट की समुचित साफ-सफाई सहित पर्याप्त रौशनी की व्यवस्था सुदृढ़ की जाय। इस क्रम में नदी का एलाइनमेंट को भी ध्यान में रखा जाए, ताकि सौंदर्यीकरण के पश्चात यह बेहतर दिखे। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि यह कार्य बेहद महत्वपूर्ण है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों की मांग को पूरा करने हेतु दिये गये निर्देशों को प्राथमिकता के साथ ससमय पूर्ण कराया जाय। सौंदर्यीकरण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही एवं कोताही को कतई बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि बांसी घाट का सौंदर्यीकरण कार्य के दरम्यान इस बात का ध्यान रखना है कि किसी भी प्रकार का विवाद, विद्धेष नहीं हो। उन्होंने उप विकास आयुक्त को इस कार्य का सतत अनुश्रवण करने का निदेश दिया।