चचरी पुल के सहारे जान जोखिम में डालकर पार करते है नदी।

तीन दशकों से इस पर पुल बनाने की उठ रही मांग।

प्रभात इंडिया न्यूज़,संवाददाता,लौरिया।

गोनौली डुमरा पंचायत के डुमराघाट सीतापुर में आजादी के इतने साल बीतने के बाद भी लोग चचरी पुल के सहारे नदी के इस पार से उस पार जान जोखिम में डालकर पार करते है। बरसात के दिनों में चार माह आवागमन बंद रहता है। दिसंबर से अप्रैल तक चचरी पुल बन जाता है। देवराज इलाके के दो दर्जन गांव एवं गोनौली डुमरा पंचायत सहित इस पार के दर्जनों गांव के लोग इसी चचरी पुल के सहारे आर-पार करते हैं। पुल निर्माण हो जाने से लोगों की दस किलोमीटर दूरी कम होगी। वही सड़क एवं पुल के लिए डुमरा भाट के लोगों ने लोकसभा में मत का बहिष्कार किया था। जानकारी के अनुसार इस नदी पर पुल बनाने की मांग तीन दशकों से उठ रही है।
इस संबंध में ग्रामीण सह पंचायत समिति सदस्य करण राज पासवान एवं विभव मल्ल ने बताया कि बरसात के दिनों में इस गांव का संपर्क कई गावों से भंग हो जाता है।अगर कोई ग्रामीण बीमार हो जाए तो पानी एवं कीचड़मय सड़क से गुजरने के लिए सभी ग्रामीण मजबूर हो जाते हैं।अगर यह सड़क का निर्माण हो जाए तथा नदी पर पुल का निर्माण हो जाए तो देवराज के रास्ते रामनगर एवं बगहा की दूरी दस किलोमीटर कम हो जाएगी तथा किसी को आवागमन में कभी परेशानी नहीं होगी। इस संबंध में ग्रामीण मेघु यादव, विनय पासवान, धनश्याम पासवान, संदिप यादव, सुनील यादव, संतोष यादव, अरुण पासवान, बीगु दास, ध्रुप शर्मा, अभय राव, दीपु राव, रामाधार साह सहित सैकड़ों की संख्या में लोगों ने बताया कि इस घाट पर पुल बनाने की मांग कर रहे हैं परंतु निर्माण नहीं होने से लोगों में रोष है।
हालांकि इस पुल का सर्वे किए जाने एवं अवर प्रमंडल पदाधिकारी सह एसडीओ अवधेश झा के आश्वासन पर लोगों की उम्मीद जगी है परंतु जब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो जाता तब तक लोग अपनी मांग सरकार से मांगते रहने की बात कह रहे हैं।

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