10 फरवरी से 27 फरवरी तक चलेगा फाइलेरिया उन्मूलन अभियान।घर-घर जाकर आशा खिलाएंगी अल्बेंडाजोल और डीईसी की गोली।
(प्रभात इंडिया न्यूज संवाददाता पिंटू कुमार रौनियार )
जिलाधिकारी, श्री दिनेश कुमार राय ने आज फाइलेरिया (हाथी पाँव) उन्मूलन अभियान की शुरुआत की। उन्होंने लोगों को प्रेरित करने के लिए सबसे पहले खुद फाइलेरियारोधी दवा का सेवन किया और जिलेवासियों से अपील की कि 02 वर्ष से ऊपर के बच्चे/लोग अनिवार्य रूप से फाइलेरियारोधी दवा का सेवन करें। इस अवसर पर अपर समाहर्ता सहित अन्य उपस्थित अधिकारियों, डॉक्टरों एवं कर्मियों ने भी फाइलेरियारोधी दवा का सेवन किया।जिलाधिकारीजिलाधिकारी ने बताया कि फाइलेरिया बीमारी अत्यंत ही खतरनाक है। फाइलेरिया आमतौर पर हाथी पाँव के नाम से जाना जाता है। यह बीमारी मच्छर के काटने से होती है। फाइलेरिया दूसरी सबसे ज्यादा विकलांगता एवं कुरूपता करने वाली बीमारी है। यह शरीर के विभिन्न अंगों हाथ, पैर, स्तन, हाइड्रोसिल आदि को प्रभावित करता है। इसका संक्रमण अधिकतर बचपन में ही हो जाता है। बीमारी का पता चलने में 5 से 15 साल लग जाता है। हाइड्रोसिल का इलाजसमय पर संभव है, लेकिन शरीर के अन्य अंगों में (पैर, हाथ, स्तन) में आया हुआ सूजन आमतौर पर लाइलाज होता है।
उन्होंने सिविल सर्जन को निर्देश दिया कि फाइलेरिया उन्मूलन अभियान के तहत आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर फाइलेरिया की दवा खिलाएंगी, जिससे कोई भी व्यक्ति इस अभियान से वंचित न रह जाए। आशा कार्यकर्ता अल्बेंडाजोल और डीईसी की गोली अपने सामने खिलाएं, इसमें किसी प्रकार की कोताही न करें। उन्होंने निर्देश दिया कि इस अभियान का व्यापक प्रचार-प्रसार करना सुनिश्चित करें ताकि प्रत्येक व्यक्ति एमडीए दवा की खुराक लेसके। सिविल सर्जन डॉ. विजय कुमार ने बताया कि फाइलेरिया रोग से बचाव के लिए सर्वजन दवा सेवन करना जरूरी है। इस हेतु 10 फरवरी से 27 फरवरी तक फाइलेरिया उन्मूलन अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान सभी स्वस्थ व्यक्ति जो 2 वर्ष से ऊपर के हैं, उन्हें फाइलेरिया (हाथी पाँव) से सुरक्षित रहने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा दी जा रही डीईसी एवं एल्बेंडाजोल की दवा का सेवन करना चाहिए। खाली पेट कोई भी व्यक्ति दवा का सेवन नहीं करें। दवा सेवन से हल्का-फुल्का प्रभाव हो सकता है, परंतु इससे डरने की आवश्यकता नहीं है। इस अवसर पर उप विकास आयुक्त, सुमित कुमार,अपर समाहर्ता, श्री राजीव कुमार सिंह, सिविल सर्जन, डॉ. विजय कुमार, एसीएमओ, डॉ. रमेश चन्द्र, विशेष कार्य पदाधिकारी, जिला गोपनीय शाखा, श्री सुजीत कुमार सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।